Vedanta group ke chairman अनिल अग्रवाल कौन है? पूरा परिचय, फैमिली,wife।
Vedanta group ke chairman अनिल अग्रवाल अपनी कुल संपत्ति का 75% हिस्सा गरीबों में दान करना चाहते हैं।
एक बाप को अपने बेटे को कंधा देना पड़े इससे बड़ा दुख क्या होगा। एक पिता के सामने अपने बेटे का निधन होना पहाड़ टूटने के बराबर है।
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| अनिल अग्रवाल कौन है? |
Vedanta group ke chairman अनिल अग्रवाल अपनी कुल संपत्ति का 75% हिस्सा गरीबों में दान करना चाहते हैं।
अनिल अग्रवाल के बेटे अग्निवेश अग्रवाल की न्यूयॉर्क में 50 वर्ष की उम्र में निधन हो जाता है ।
बेटे की निधन के बाद उन्होंने वह पुराना वादा दोहराया जिसमें अपनी कुल संपत्ति का हिस्सा 75% हिस्सा समाज कल्याण के लिए गरीबों में शिक्षा स्वास्थ के लिए दान करेंगे।
अनिल अग्रवाल जन्म कब ओर कहा हुआ था।
अनिल अग्रवाल जन्म 1954 में पटना, बिहार में हुआ था
19 वर्ष की उम्र में वह है। मुंबई आ चुके थे।
सबसे पहले वह छोटी सी किराए की दुकान लेकर कवाड़े का का काम शुरू किया। जब दुकान अच्छी चलने लगी तो उन्होंने
1970 के दशक में उन्होंने मेंटल की धातु को ट्रेडिंग करना शुरू कर दिया।
कारोबार अच्छा चलने के बाद उन्होंने 1976 दिवालिया हो चुकी एक केवल कंपनी को खरीद लिया।
उस समय केवल कंपनी खरीदने के लिए 16 लाख डाउन पेमेंट करना था तो बैंक से लोन लिया।
1980 में अनिल अग्रवाल ने स्टारलाइट इंडस्ट्रीज को खरीद लिया था।
1986 ने भारत सरकार में केवल बनाने के लिए प्राइवेट कंपनिको कंपनी को भी मंजूरी दे दी थी।
साल 1990 में अनिल अग्रवाल ने कापर रिफाइंड करना शुरू कर दिया था।
इसके बाद उन्होंने एक से एक सफलता हासिल की। आज उन्हें 'मेटल किंग' के नाम से भी जाना जाता।
बेटे अग्निवेश अग्रवाल के निधन के बाद से बहुत टूट चुके हैं 9 बार बिजनेस में फेल होने के बाद उन्होंने Vedanta Group की स्थापना की थी।
और उन्होंने स्क्रैप मेटल के काम से शुरुआत कर वेदांता समूह को खड़ा किया; उन्हें 'मेटल किंग' के नाम से भी जाना जाता है,
उनकी गिनती बड़े-बड़े कारोबारियो में गिनी जाती है। अनिल अग्रवाल ने बताया है। कि ज्यादा पैसा होना भी किसी काम का नहीं है।
एक रिपोर्ट के मुताबिक अनिल अग्रवाल की नेटवर्क 35,000 करोड रुपए बताई जा रही है।
और अब वह 75% हिस्सा दान करने का फैसला किया है।








